Wednesday, October 30, 2019

DJ (DISK JOINTER) और VCB की कार्यप्रणाली

 (1) Air Blast सर्किट ब्रेकर (ACB) or DJ.


 
  1. कार्यसिद्धान्त:-
    DJ एक servomotor द्वारा आपरेट होता है, जिसको RDJ से हवा मिलती है। DJ को बन्द करने के लिए servomotor के piston पर हवा दाहिनी तरफ से आती है और यह कार्य Electrovalve-> EFDJ के द्वारा होता है। DJ बन्द होते समय यह भी जरूरी है कि हवा पिस्टन के बॉयी तरफ से प्रवेश न हो अन्यथा DJ बन्द नही हो पायेगा अथवा DJ बन्द भी हो गया तो तुरन्त खुल जाएगा। यह कार्य Electrovalve. MTDJ के energise रहने पर ही सम्भव होता है।
    इसलिए EFDJ के साथ- साथ MTDJ को energise करना पड़ता है। DJ बन्द हो जाने के बाद पिस्टन के दाहिनी तरफ उपस्थित हवा एक्जॉस्ट पोर्ट के द्वारा बाहर निकल जाती है और EFDJ भी De-energise हो जाता है, किन्तु MTDJ, energise बना रहता है। DJ बन्द रहने पर दोनो contacts (H-1 एव H2) बन्द रहते हैं। जब BLDJ ऑफ किया जाता है तब MTDJ De-energise हो जाता है जिससे servomotor के piston पर हवा बॉयी तरफ से आ जाती है। इस कारण DJ खुल जाता है किन्तु DJ खुलते समय H-2 पहले खुलता है जो एक आग बुझाने वाले chamber में बन्द रहता है। इसके कुछ क्षण बाद H-1 खुल जाता ह₹हैं। H-1 के खुलने के बाद H-2 पुनः बन्द हो जाता है।

(2) Vacuum Circuit Breaker (VCB) का कार्य सिद्धांत -
  • VCB को बन्द करने के लिए BLRDJ switch को दबाना पड़ता है। इसस।MTDJ Electrovalve energise होकर हवा का प्रेशर रिले वाल्व में भेज देता है। रिले वाल्व आपरेट हो जाता है जिससे उसका exhaust port बन्द हो जाता है। ऐसी स्थिति में RS की हवा रिले वाल्व के माध्यम से VCB के Dual Piston के बीच चली जाती हैं इस कारण दोनो पिस्टन हेड, स्प्रिंग के टेन्शन के विरूद्व आपरेट होता है और Intrunptor के दोनो contacts बन्द हो जाते हैं तथा OHE की सप्लाई मेन टासफारमर में चली जाती है। Intrupptor क दोनो contacts (H-1एवं H-2) vacuum chamber के अन्दर बन्द होते हैं एवं खुलते हैं इस लिए इसमे DJ की तरह स्पार्क उत्पन्न नहीं होता साथ Air Blast न होने के कारण आवाज भी नहीं होती।
    **- MTDJ Electrovalve a डी-इनरज़ाइज़ होने पर पिस्टन के अन्दर का हवा रिले वाल्व के एक्जॉस्ट पोर्ट के द्वारा बाहर निकल जाती है जिससे पिस्टन में लगी स्प्रिंग इंटरूपप्टोर (Intrupptor) के दोनों कॉन्टैक्ट को खोल देती हैं। जिससे OHE की सप्लाई मैन ट्रांसफॉर्मर से समाप्त हो जाता हैं।
  • TFILM/QLM -
    यह क्यू०एल०एम० का करंट ट्रांसफॉर्मर है जो रूफ बुशिंग में सबसे ऊपर लगा रहता है।
    इसका कार्य सिद्धांत एक स्टेप अप ट्रांसफॉर्मर की तरह होता है। इसका ट्रांसफॉर्मेशन अनुपात 50:1 है। अर्थात मेन ट्रांसफार्मर के 450 Amp. के करेन्ट को 9 Amp. मे बदलकर रिले QLM को प्रदान करता है। जब मेन ट्रांसफॉर्मर में 450 Amp. से ज्यादा की धारा बहने लगती है। तब रिले QLM energise होकर डी0जे0 को खोल देता है। और मेन-ट्रान्सफार्मर की सुरक्षा करता है।

    HOM-
    लोको को ग्राऊण्डिंग करने के लिए जो उपकरण लगा है, वह HOM कहलाता है। HOM में एक हैण्डल होता है जिसे 90 डिग्री नीचे से ऊपर करने पर लोको के छत पर लगा हुआ एक अर्थिंग यंत्र  ऑपरेट होता है जिससे पैन्टो, रूफ बार तथा मेन ट्रांसफॉर्मर सभी अर्थ हो जाते है।

    मेन ट्रांसफॉर्मर
    लोको का मेन ट्रांसफॉर्मर एक ऑटो ट्रांसफॉर्मर है जिसमें एक ही बाइंडिंग होती है और 0 सहित कुल 33 टैप बने होते है। आटो ट्रांसफार्मर में प्राइमरी और सेकेन्डरी बाइंडिंग का काम एक ही winding करती है। इसमें कुल फेरो की संख्या 1040 होती है। प्रत्येक टैप पर फेरो की संख्या 30 होती है और सभी आपस में सीरीज में जडे होते है। किन्तु 80 टर्न अतिरिक्त भी लगे रहते है ताकि शार्ट सर्किट न होने पाए। मेन ट्रांसफॉर्मर को बिजली की सप्लाई पेन्टो रूफ बार एवं सर्किट ब्रेकर के माध्यम से प्राप्त होती है। आटो ट्रांसफार्मर के एनेरज़ाइज़  होने पर इन्डक्शन द्वारा TFWA को सप्लाई मिलती है। परन्तु TFP primary में सप्लाई तब जाती है जब टैप चेंजर को आपरेट करते हैं। इस प्रकार TFP प्राइमरी विभिन्न प्रकार के वोल्टेज पहुँचते है और इनडक्शन द्वारा यह सप्लाई TFP-1, आर TFP-2 सेकेन्डरी में चली जाती है।
    ट्रांसफॉर्मर टैंक के साथ कॉज़ेर्वेटर लगा होता है जिसकी सुरक्षा के लिए उपर एक सेफ्टी वाल्व लगा होता है। कन्जर्वेटर के साथ सिलिका जेल सहित ब्रीदर लगा है।
    जिससे TF-oil की Insulation अच्छे तरीक़े से maintain रहती है। सिलिका जेल का  सामान्य रङ्ग नीला रहता है। सफेद या गुलाबी होने पर यह कार्य करना बंद कर देती है। कंज़र्वेटर पर एक गेज ग्लास
    लगा होता है।

Wednesday, October 23, 2019

ICDJ में लोको पायलट के द्वारा की जाने वाली कार्यवाही

स्विच BLDJ ऑन करके BLRDJ को दबाने पर LSDJ लैंप की बत्ती नही बुझती है। अथार्त मेन सर्किट DJ क्लोज नही होता हैं। इसे ICDJ कहा जाता है।
लोको पायलट को निम्नलिखित कार्यवाही करना चाहिए।
1.सभी सेफ्टी रिले QLM, QRSI-1+2, QOA, QOP-1, QOP-2, QEMS,  QLA  की जांच करगें। यदि कोइ ट्रिप किया हुआ है तो निम्नलिखित की जांच करेंगे।
A. बैटरी वोल्टेज- 90-110 वोल्ट UBA मीटर में देखेंगे। इसका स्विच ZUBA कैब नंबर-2 मे है। यदि वोल्टेज नही है तो फ्यूज ADD. CCBA की जांच करेंगे।
यदि बैटरी वोल्टेज सही है तो
2. पेंटोग्राफ उठा होना चाहिये और OHE से सटा हुआ होना चाहिए, यदि उठा नही है तो - निम्नलिखित की जॉच करेगे।
3. RS/PR का प्रेसर 6.5Kg/cm२ से ऊपर होना देखेगे।
   PR गेज- जहाँ पर B.P, F.P, MR गेज लगा है वहाँ पर ही PR गेज लगा है।
   RS गेज - कैब-1 में मिडिल लॉकर में या कॉरिडोर में CPA।के पास  लगा रहता है।
 यदि RS/RP का प्रेसर ठीक है तो
4. स्विच - BLDJ, BLRDJ, BP१DJ, BP२DJ, ZPT को दो तीन बार ऑपरेट करेंगे।
5. रिले Q-118 की जॉच करेगे यह रिले इनरजाइज़ होना चाहिये।
    Q-118 की जॉच- HBA को 1 पोजीशन पर रखेगे और स्विच BLDJ को ऑन करके, BP२DJ को दबाकर देखेंगे।
* यदि रिले Q-118 इनरजाइज़ नही है तो यह देखेंगे कि काँटेक्टर C-118, C-105,  C-106, C-107 NCI में हो, GR-0 पर होना चाहिए।
यदि ऐसा नही है तो
 6. रिले Q-45 का इनरजाइज़ होना सुनिश्चित करेंगे। इसकी जॉच के लिए  स्विच BLDJ  ऑन करके BP२DJ को दबाकर कर देखेगें की इनरजाइज़ है कि नही। यदि रिले Q-45 इनरजाइज़ नही है तो   निम्नलिखित कार्यवाही करेगे।
 A.  फ्यूज CCBA की जांच करेंगे।
 B.  BP१DJ, BP२DJ, BLDJ, BLRDJ और ZPT को दो तीन बार ऑपरेट करेगे।
 C. GR '0' से '1' और वापस '1' से '0' तक मैन्युअल करेगे।
 D. कैब को बदलकर कर देखेंगे।
 E. रिले Q-45 को मैनुअली इनरजाइज़ करके DJ बंद करेंगे, इसे 4 सेकंड में छोड़ देंगे।
7. रिले Q-44 इनरजाइज़ होना चाहिये। Q-44 इनरजाइज़ होने की जॉच करेगे।
 रिले Q-44 की जॉच :- स्विच BLDJ ऑन करके BP२DJ दबाकर देखेंगे कि रिले Q-44 इनरजाइज़ है की नही।
 नोट- रिले Q-44 को हाथ से छूना मना है। BP२DJ , स्विच BLRDJ का विकल्प है।
 यदि Q-44 इनरजाइज़ नही है तो
 GR का मैन्युअल '0' से '10' और  '10' से '0' पर करेगे।  तब भी रिले Q-44 इनरजाइज़ नही हुआ है तो
8. काँटेक्टर C-118 की जॉच करेगें। इसके लिए स्विच BLDJ ऑन     करके BP२DJ दबाकर देखेंगे। जो कैब-2 पिछे HTC पैनल में है।
 यदि काँटेक्टर C-118 बंद नही हो रहा है तो निम्नलिखित कार्यवाही    करेगें।
 A. रिले Q-45 के प्लंजर को ऑपरेट करेंगे।
 B. रिले QCVAR के इंटरलॉक को साफ करेगें।
 C. पेंटोग्राफ को गिराकर HBA को '0' (ऑफ) करके C-118 प्लंजर को दो तीन बार चलायेंगे।
9. स्विच HQOP-1 और HQOP-2 को ऑफ करके DJ बंद करने का प्रयास करेंगे।
10. कैब को बदलकर देखेंगे।
11. अब भी सफलता नही मिले तो कंट्रोलर से रिलीफ इंजन की माँग करेगे।
12. पेंटोग्राफ को गिराकर HBA को '0' पर करके सभी MR/RS प्रेसर पूरा ड्रेन करके पुनः नए सिरे से प्रयास करें।

नोट:- बैटरी वोल्टेज की जांच करेंगे। 90-110 वोल्ट होना चाहिये।
 

Tuesday, October 22, 2019

इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में लगे रिले का विवरण

सेफ्टी रिले
PROTECTION/SAFETY RELAYS

इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रिले पैनल  



Q-30 :- यह एक Low volt एव No volt relay है। यह एक protection relay के रूप में कार्य करता है। इसकी मुख्य कार्य Arno convertor और Auxiliary motors को low voltage की स्थिति में जलने से बचाना होता है। जब तक लोको Energise रहता है यह रिले Energise बना रहता है क्योंकि यह Energise रहकर Q-44 रिले को Energise रखता है। यह रिले पैनल पर लगा रहता है।

(ii). Q20:- यह Traction Motor का Over Voltage Protection relay है। यह एक voltage relay है। जब traction motor को एक निश्चित सीमा से अधिक वोल्टेज दिया जाता है तब यह रिले energise होकर notch regress करा देता है। कछ लोको में LSOV (Lamp signal over volt) की लाल बती भी जलने लगती है और Son Buzzer भी बजने लगता है। यह HTC-2 के B.A- 3.पैनल में लगा रहता है।

(iii). QD:- इसे Current Differential Relay कहा जाता है। लोको में दो QD रिले लगे हुए हैं।
QD-1 एवं QD-2
QD-1 ट्रेक्शन मोटर -2 एवं ट्रेक्शन मोटर-3 के बीच होता है जबकि QD-2 ट्रेक्शन मोटर-4 एवं ट्रेक्शन मोटर-5 के बीच लगा हुआ है I रिले QD-1 HTC-1(B.A-1) में तथा QD-2 HTC-2 में लगा हुआ है। जब किसी कारण से इन दोनो ट्रेक्शन मोटर के बीच 125Amp/150 Amp. Current का अन्तर हो जाता है तब QD-1 या QD-2 energise होकर रिले Q-48 को Energise कर देता है। जिससे अपने आप Notch Regress होने लगता है। साथ में LSP की बती भी जलती है। ऐसा लोको के चक्कों के स्लिप करने पर होता है। रिले QD-1 और QD-2 जब इनरज़ाइज़ होती है तो यह Q-48 को इनरजाइज़ करती है। रिले Q-48 तीन कार्य करने लगती है। 1.LSP लैम्प को जलायेगी। 2. रिले Q-51 के द्वारा नॉच घटाएगी। 3. 5 सेकंड तक सेन्डर के द्वारा बालू  गिरायेगी।
(iv).OCVAR :- यह एक voltage relay है। इसके दो भाग होते हैं 1. OCVAR - AC और 2. QCVAR -DC
आर्नो कन्वर्टर के सही कार्य करने पर पहले QCVAR - AC energise हो जाता है फिर OCVAR - AC की सहायता से QCVAR - DC भी energise होकर LSCHR लैंप को बुझाती है। इसका मुख्य कार्य Arno convertor के काम की जाँच करना होता है। यदि किसी कारण से आर्नो convertor काम करना बंद कर दे तो यह de-energise होकर मैन सर्किट ब्रेकर DJ को trip करा देती है। यह रिले पैनल पर लगा होता है। QCVAR - AC एवं QCVAR - DC दोनों एक साथ लगे रहते हैं। बॉयीं तरफ QCVAR - DC जबकि दायीं तरफ QCVAR - AC रहता है।

(v).QOP-1:- यह power circuit के ब्लॉक नं. 1 का earth fault relay है। जब किसी कारण से power circuit क ब्लाक न. 1 में earth फॉल्ट की घटना होती है तब यह रिले energise होकर DJ trip करा देता है। यह एक safety रिले के रूप में भी कार्य करता है। ऐसी अवस्था में इस रीले में एक red target गिर जाता है। इस रिले को Bypass करने के लिए एक knife switch HQOP-1 लगा हुआ है। इसके दो पोजीशन होते हैं - On & Off। जब तक यह ऑन पोजीशन में रहता है तब तक यह रिले service में रहता है किन्तु knife switch को ऑफ पोजीशन में रख देने से यह रिले काम से अलग अर्थात् Bypass हो जाता है। यह रीले पैनल पर लगा हुआ है।

(vi). रिले QOP-2 :- यह एक सेफ्टी रिले है। यह पॉवर सर्किट के ब्लॉक नं. 2 का अर्थ फॉल्ट या बान्डिंग रीले है। जब किसी कारण से ब्लॉक नं. 2 में अर्थ फॉल्ट या बान्डिंग की घटना होती है। तब यह relay energise होकर DJ trip करा देता है और ब्लॉक नं 2 की सुरक्षा हो जाती है। जब यह रिले एनेरजाइज़ होता है तो इसका लाल टारगेट गिर जाता हैं इसका बाईपास स्विच HQOP-2 है। यह रिले पैनल पर है।

(vii). QRSI-1:- यह सिलिकॉन रेक्टिफायर ब्लॉक नंबर -1 का प्रोटेक्शन रिले है। जब किसी कारण से पावर सर्किट के ब्लॉक नंबर -1 में ओवर करंट होती है तब यह रिले energise होकर अपना upper इंटरलॉक MTDJ ब्रांच से हटा देता है। जिससे DJ ट्रिप कर जाता है और लोको की सुरक्षा हो जाती है। यह रीले पैनल पर लगा होता है।

(viii). QRSI -2 :- यह सिलिकॉन rectifier block no.2 का protection रिले है। यह एक safety relay है जब किसी कारण से power circuit के ब्लॉक नं.-2 में over current की घटना होती है, तब यह relay energise होकर अपना Upper इंटरलॉक MTDJ branch से हटा लेता है जिससे DJ ट्रिप कर जाता है और लोको की सुरक्षा हो जाती है। यह relay panel पर लगा होता है। यह एक current रिले है।

(ix). QLM :- यह main transformer का over
current protection relay है। यह एक safety रिले है। इसका current transformer TFILM है जो roof bushing में लगा हुआ है। जब किसी कारण से main transformer में over current की घटना होती है तब यह relay energise होकर अपना upper इंटरलॉक MTDJ branch से हटा लेता है जिससे DJ trip कर।जाता है और main transformer (loco) की सुरक्षा हो जाती है। जब यह energise होता ह तब इसमें लाल टारगेट दिखने लगता है। यह machinically lock होता है अर्थात् जब तक इसका लाल टारगेट दिखता रहेगा तब तक MTDJ branch में cut रहेगा और DJ बन्द नहीं होगा इसलिए इसके टारगेट को reset करना अनिवार्य है। जब तक इसके टारगेट को reset नहीं किया जाएगा तब तक MTDJ branch में कनेक्शन हटा रहेगा। यह रिले पैनल पर लगा रहता है।

(x).QOA:-
यह Auxiliary circuit का earth fault या bonding relay है। यह एक safety relay है। जब किसी कारण से auxiliary motor, आर्नो converter अथवा किसी अन्य उपकरण में अर्थ फॉल्ट या बॉण्डींग की घटना होती है तो यह relay energise होकर DJ trip करा देता है और लाल टारगेट दिखाने लगता है। इसका Bypassing switch HQOA है| QOA रिले panel पर लगा हुआ है और एक वोल्टेज रिले है।

(xi). OLA :- यह Auxiliary circuit का Over current protection relay है। यह भी एक safety relay है। जब किसी कारण से auxiliary circuit में over current की घटना होती है तब यह energise होकर DJ ट्रिप करा देता है। इसके energise होने पर लाल टारगेट दिखने लगता है। यह रीले पैनल पर लगा होता है।

(xii). Q-44:- यह GR का half notch protection relay है। जब किसी कारण से GR किसी दो notch के बीच फंस जाता है तब यह relay de- energisc होकर DJ trip करा देता है। जिससे GR की सुरक्षा हो जाती है। यह भी रिले पैनल पर लगा होता है। इस रीले में 06 सेकेण्ड का टॉइम लेग दिया गया है। अगर दो notch के बीच में 0.6 सेकेण्ड से अधिक समय
तक GR का रोलर फंस जाता है तब Q-44 De- energise हो जाता है। जब तक लोको रहता है तब तक Q-44 Energise बना रहता है। किन्तु जैसे ही यह de-energise होता है 0.6 सेकेण्ड के बाद DJ trip कर जाता है।

(xiii). Q46 :- यह GR का Full Notch का protection रिले है। जब MP " O " पर रहता है और GR किसी पूर्ण notch पर फंस जाता है जब यह रीले इनरजाइज़ होकर DJ trip करा देता है। जिससे GR की सुरक्षा हो जाएगी। यह रिले पैनल पर लगा होता है।

(xiv).रिले Q118 :- यह रिले Auxiliary Motors का protection relay हैं। Battery switch on करने के साथ ही साथ यह relay energise हो जाता है। यह एक time lag relay है जिसमें 5.6 सेकेण्ड का टॉइम लैग होता है। जब इससे संबंधित कोई auxiliary motor MVMT-1, MVMT-2, MVRH, MVSL-1, MVSL-2, MPH और उसकी रिले, आर्नो और उसकी रिले मे कोई खराबी होने से काम नहीं करते हैं। तब यह रिले 5.6 सेकंड के पश्चात De-Energies होकर DJ ओपन कर देता है।

(xv). रिले Q-119 :-
  यह कंप्रेसर के अनलोडर वाल्व (VEUL) की रिले है। कंप्रेसर के काँटेक्टर के खुले रहने पर ये रिले ENERGIES होकर अनलोडर वाल्व के एक्जॉस्ट पोर्ट को खोल देती है। यह एक टाइम लैग रिले है इसमे 5 सेकंड का टाइम लैग रहता है। यह कंप्रेशर को ऑफ लोड पर स्टार्ट कराता है। यह रिले पैनल पर लगा है।

(xvi). QRS :- ( ट्रेन पार्टिंग प्रोटेक्शन रिले) गाड़ी चलाते समय इस रिले को इनरजाइज़ रहना चाहिए। क्योंकि इसके इनरजाइज़ रहने पर ही नॉच (Notch) का प्रोग्रेशन रिग्रेशन संभव होता है। यदि B.P प्रेसर 2.0 Kg/cm२ से कम हो जाती है तो QRS रिले डी-इनरजाइज़ होकर रिले Q-51 को इनरजाइज़ कर देती है।

(xvii). रिले Q-51 :-
(ऑटो रिग्रेशन रिले) :- जब किसी कारण से ट्रेक्शन मोटर में OVER वोल्टेज होने, व्हील स्लीप होने पर, B.P प्रेसर 2.0 Kg/cm२ से ज्यादा गिरने पर या ऑटो फ्लैशर लाइट जलने पर ये रिले इनरजाइज़ होकर नॉच को घटाती है। और शून्य तक ले जाती है। जिससे लोड पार्ट होने से बच जाती है।

  
(xviii) Q-52 :- यह Notch by Notch progression एवं Regression relay है। यह एक - एक करके notch को उठाता है। इससे train part नहीं हो पाती है और GR के फंसने की संभावना नहीं रहती है। यह भी GR की सुरक्षा करता है। यह रिले पैनल पर लगा होता है।

(xix).Q-49:- यह GR का synchronizing relay है। इसका मुख्य काम multi unit loco के लिए रहता है। जब किसी कारण से multi unit के दो लोको में से किसी एक का notch फंस जाता है तब Notch फंसे हुए लोको का Q-49 रिले इनरज़ाइस हो जाता है। इससे प्रभावित लोको का Q-52 रिले भी इनरज़ाइस  हो जाता है और अंत में दूसरे लोको का Notch Progression बंद हो जाता है। इस प्रकार दोनों लोको में समान Notch बनाये रखना, Q-49  रिले की जिम्मेदारी है। यह रिले पैनल पर लगा होता है। अकेले लोको में इस रिले की कोई भूमिका नहीं है।

(xx) Q-48 :- इस रिले को Wheel slip relay कहा जाता है। जब किसी कारण से Wheel slip की घटना होती है तो Q-48 इनरज़ाइस होकर LSP की बती को जला देता है। इसके साथ ही साथ यह रिले
इनरज़ाइस होकर Automatically Notch Regression कराता है क्योंकि यह रिले Q-51  को  इनरज़ाइस कर देता है तथा Automatically Sanding भी कराता है। इस कारण Rail line पर dry sand भी गिरने लगता है और wheel slip की घटना रूक जाती है। यह रिले पैनल पर लगा हुआ होता है।

(xxi) Q-50 :- इस रिले को Traction और Braking का कंट्रोल रिले कहा जाता है। इस रिले की शाखा पर दोनों reverser एवं तीनों CTF का Auxiliary contact बैठता है। यदि उपरोक्त में से कोई भी एक उचित दिशा में सेट नहीं हो पाते हैं तो Relay Q-50 इनरज़ाइज़ नही हो पाएगा और LSB की बती भी नहीं बुझेगी। इससे Notch नही उठेगा और Total lose का संकेत प्राप्त होगा। यह रिले पैनल पर लगा होता है।

(xxii).0100:-यह Auxiliary Motor के काँटेक्टर का कंट्रोल रिले है। इस रिले के इनरज़ाइज़ होने पर Auxiliary Motor के  Electro Magnetic काँटेक्टर बंद हो जाते हैं। इसलिये लोको के इनरज़ाइज़ होने पर इस रिले का Energise होना आवश्यक होता है। अन्यथा काँटेक्टर वाले सहायक मोटर जैसे- कंप्रेसर, MVMT-1, MVMT-2 और MVRH का चलना संभव नहीं होगी। यह रिले पैनल पर लगा होता है।

*****

(xxiii). रिले Q-120 :
- यह रिले अलार्म चेन पुलिंग (ACP) सर्किट से संबंधित है। ACP क साथ यह इनरज़ाइस होकर Audio Visual संकेत देता है। इसमें टॉडम लैग होता है। यह रिले पेनल पर लगा होता है।

(xxiv). Q45 :- यह DJ का रि-सेटिंग रिले है। यह Energise होकर DJ को बंद कराता है। यह BLRDJ or BP२DJ को दबाने पर energise होता है। यह हमेशा Energise नही रहता है। BLRDJ or BP२DJ को छोड़ने के साथ ही यह रिले De-energise हो जाता है। यह रिले panel पर लगा होता है।

(xxv). QTD105 :- यह एक ON Type का time lag (time delay) relay है। इसका टाइम लेग 5 sec. का होता है। इसका कार्य MVRH एवं MVMT-1 के स्टार्ट होने में 5 सेकेण्ड का समय अंतराल उत्पन्न कराना होता है। जिससे आर्नो में starting Current बहुत ज्यादा न हा। यह कैब-2 के पीछे सहायक चालक के तरफ कोरीडोर नं. 1 में लगा रहता है।

(xxvi). QTD106 :- यह भी QTD105 की तरह टाइम Delay रिले है। इसका कार्य MVMT-1 एवं MVMT-2 के स्टार्ट होने में 5 सेकेण्ड का समय अंतराल उत्पन्न कराना होता है। यह समय अंतराल 5 सेकेण्ड का होता है। यह रिले QTD-105 के नीचे स्थित होता है।

(xxvii). रिले QWC:- यह Weight compensation अथवा weight transfer relay के नाम से जाना जाता है। इस रीले को energise करने के लिए एक toggle switch ZQWC Driving Desk पर लगा होता है। इस स्वीच को 0 से 1 notch तक ऑन कर देना चाहिए, अन्यथा QWC Relay energise नहीं होगा। QWC energise होकर केवल तीन traction motors के तीस shunting contactor को बंद कराता है। जिससे सम्बंधित Traction Motor का फिल्ड कमज़ोर होता है और सम्बंधित Armature का torque बढ़ जाता है। इस कारण wheel slip की घटना रूक जाती है। इस प्रकार Starting के समय wheel sliping होने पर यदि ZQWC switch को सही स्थिति में ऑन कर दिया जाए तो Wheel slip की घटना को रोका जा सकता है। ZQWC स्विच  केवल गुड्स लोको में लगा हुआ होता है।

(xxviii). रिले QE :- यह DBR side का safety relay है। जब किसी कारण से ATFEX अथवा Traction Motor के Inductor में over current की घटना होती है तब यह रीले इनरज़ाईज़ होकर Braking Notch को Regress करा देता है। जिससे Electrical Braking Force समाप्त हो जाता है। यह रिले पैनल पर लगा होता है।
(xxix). रिले QF-1:- यह DBR side का safety relay है।



 

Sunday, October 20, 2019

रिले और उसके प्रकार तथा इंटरलॉक

रिले (Relay)
यह एक ऐसा यंत्र है जो किसी इलेक्ट्रिकल आपरेशन जैसे सर्किट में वोल्टेज करेन्ट की मात्रा, किसी उपकरण का ठीक-ठीक काम करना अथवा किसी आपरेशन का एक कमबद्ध तरीके से जाँच करने के लिए लगा हुआ है। यह काम relay, energise या De-energise होकर करता है । यह भी रिमोट कन्ट्रोल होता है । इसके मुख्य रूप से दो भाग होते है।
मैकेनिकल डिवाईस तथा एक्जीलरी कॉन्टेक्ट।

 Relay मुख्यत दो प्रकार के होते है।

A. इलेक्ट्रीकल रिले (Electrical Relay)
1. वोल्टेज रिले (Voltage Relay):- Q-20. Q-30. QOP-1. QOP-2, QOA,  QCVAR
2. करंट रिले (Current Relay)- QLM, QRSI-1 & 2, QLA, QE, QF-1&2, QD -1&2 


B. मेकैनिकल रिले (Mechanical Relay)
1. Pressure Relay/Switch:- प्रेसर रिले निम्नलिखित हैं।

   QPDJ, RGEB, RGCP, RGAF, SWC, P1, P2
2. Circulation Relay :- यह दो तरह के होते है।
I. Air Circulation Relay:-
QVMT1-2, QVRH,  QVSL-1& 2, QVSI-1& 2,  QVRF
ii. Oil Circulation Relay:- QPH

Electric लोको में निम्नलिखित प्रकार के Relay लगे हुए है।

1. सेफ्टी रिले (Safety Relay) :- वह रिले जिनका auxiliary contact MTDJ branch पर लगा होता है और संबंधित सर्किट में किसी प्रकार की खराबी होने पर energise होकर अपने auxiliary contact (interlock) के माध्यम से MTDJ branch की सप्लाई काट देता है , सेफ्टी रिले कहलाता है । साधारणत सभी सेफ्टी रिले में लाल
टारगेट लगा रहता है, जो उसके energise होने पर ड्राप कर जाता है। केवल  (QLM relay में मेकेनिकल लॉक उपलब्ध है। ) इसलिए लाल टारगेट रिसेट किये बिना उसका interlock MTDJ branch पर नहीं बैठता है । सभी सेफ्टी रिले कैब -2 में ALP की तरफ लॉकर में अवस्थित है । जैसे- QLM, QRSI, QOP,  QOA/QSIT

2. कन्ट्रोल रिले (Control Relay):- जो रिले किसी उपकरण के कार्य का नियंत्रण करता है कन्ट्रोल रिले कहलाता है। जैसे-Q100

3. ऑक्सीलियारी रिले(Auxiliary Relay):- वह रिले जो दूसरे रिले की सहायता करता है आकजीलरी रिले कहलाता है। जैसे Q-118, रिले Q-44 का आक्जीलरी रिले है।
4. टाईम डिले रिले-आन टाईप रिले-QTD-105, QTD-106, QTD-101, और QSVM
5. टाईम लैग रिले-ऑफ टाईप रिले-Q-118, Q-119, Q-44 और PR-1


रिले के प्रकार( (Types of Relay)

लोको में निम्नलिखित प्रकार के रिले लगे हुए हैं। 

1. ABB/BBC टाईप रिले-
इस प्रकार के रिले में हरी तथा लाल रंग का LED लगी होती है। यदि हरे रंग की LED जलती है तब यह रिले इनरजाइज़ के लिए तैयार है और जब लाल रंग की LED जल जाती है तब रिले कस कॉइल इनरजाइज़ समझा जाएगा।

2. Woama टाईप रिले- इस प्रकार के रिले में केवल हरी LED लगी होती हैं। यदि हरी LED जलती है तो यह energise समझा जाएगा।
3.Cornet टाईप रिले:
- लाल LED के फ्लिकर करने पर यह रिले energise से De-energise अवस्था में माना जाएगा ।
4.English Electric टाईप रिले:- यह रिले energise होने पर इसमें लगा हुआ मोबाईल कॉन्टेक्ट लिवर दबाने पर नहीं दबेगा।

रिले वेज करने का तरीका

कोई भी रिले वेज करने के पहले डीजे खोलकर पेन्टो लोवर करके बैटरी ऑफ कर देना चाहिए ।
एवीबी / बीबीसी टाईप- मोवाईल कॉन्टेक्ट आर्म को सुटेबल वुडेन वेज की सहायता से energise अवस्था में वेज करने के लिए मोबाईल कॉन्टेक्ट आर्म और टॉप प्लेट के बीच लगाइए , परन्तु De-energise अवस्था में वेज करने के लिए मोबाईल कॉन्टेक्ट आर्म और बेस प्लेट के बीच लगाना चाहिए।

वोमा टाईप- कुछ वोमा टाईप रिले में नॉब लगा है, जिसे क्लाकवाइज घुमाने पर, वह रिले energisc अवस्था में वेज हो जाएगा। यदि नॉब नहीं उपलब्ध है। तब कॉन्टेक्ट होल्डर दबाकर सुटेबल वेज लगाने से रिले वेज हो जाएगा।

कॉमेट टाईप- ऐसे रिले को energise अवस्था में वेज करने के लिए सबसे पहले लाकींग नॉब को दाहीनी तरफ खींचकर वेजींग नॉब क क्लाकवाइज दिशा में घुमा दे। यह रिले De-energise अवस्था में वेज नहीं होता है।

इंग्लिश इलेक्ट्रीक टाईप ऐसे रिल को वेज करने के लिए आर्मेचर और
प्लंजर के बीच सटेबल वेज लगाये और सुनिश्चित करें कि रिले के डी-एनेरजाइज़ अवस्था मे वेज हो गया है।
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नोट:- Q44, Q-45, Q-46, Q-48, Q-49, Q-52 रिले को वेज नही किया जा सकता है।
Q-50, Q-100, Q-118, QCON, QSVM, QTD-101, PR-1 रिले को आवश्यकता पड़ने पर energise अवस्था में wedge किये जा सकते है।

इंटरलॉक्स
लोकोमोटिव के सभी आपरेशन एक उचित कम में हो, इस कार्य के लिए इंटरलॉक का व्यवहार होता है । अर्थात आपरेशनल सिक्वेन्स को ठीक से कराने के लिए जो अरेन्जमेंन्ट किये गये हैं, इंटरलाक कहलाते हैं । रिले के इंटरलॉक दो प्रकार के होते हैं।
1 अण्डर इटरलोक (Normally Open Interlock):- यह इंटरलॉक्
रिले के De-energise,अवस्था में रहने पर खुले रहते हैं. और रिले के Energisc अवस्था में रहने पर बंद रहते हैं ।
2. अपर इंटरलाक (Normally Close Interlock):- यह इटरलोक रिले के Energise अवस्था में रहने पर खुले रहते हैं, और रिले के De-energise अवस्था में रहने पर बंद रहते हैं ।

 
नोट:-  यदि रिले या काँटेक्टर De-Enerzies रहता हैं तो उसका NCI (Normally Close Interlock) सर्किट को जोड़कर रखता है। लेकिन उसका NOI (Normally Open Interlock) सर्किट को खोल कर रखता है।
किंतु रिले या काँटेक्टर Enerzies होता हैं तो उसका NCI (Normally Close Interlock) सर्किट को काट देता है और उसका NOI (Normally Open Interlock) सर्किट को जोड़ देता है।
 
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Thursday, October 17, 2019

आर्नो कन्वर्टर युक्त लोको में लगे पैडल स्विच (दोनो कैब मे)

PSA स्विच :- MPJ को फारवर्ड या रिवर्स में करके PSA पैडल स्विच को दबाने पर सेंडर वाल्व (VESA) कार्य करता है।
PVCD स्विच :- प्रत्येक 60 सेकंड में एक बार दबाकर VCD को AKNOWLEDGE किया जाता हैं।
PVEF स्विच :- बी.पी प्रेसर गिरने पर इसे दबाकर सिंनक्रोनाईज़िंग ब्रेक लगना रोकते हैं। यदि B.P प्रेसर 1.8 Kg/cm२ से ज्यादा गिरने पर यह स्विच (PVEF) काम नहीं करेगा।

रियल टाइम इन्फॉर्मेशन सिस्टम

ग्रेजुएटर (GRADUATOR) GR कार्य

  ग्रेज़ुएटर                      ग्रेज़ुएटर में 70-80 लीटर तेल डालते हैं।            यह HTC-2 में SMGR के बगल में लगा हुआ है , जो लोको में   ...

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